आपने गलतियों के प्रायष्चित के लिए ये १० माफ़ी शायरियां

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी... तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी... क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर... जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी

1.

 

देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,

मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है।

2.

 

न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,

जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।