1.

देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,

मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है।

2.

न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,

जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।

3.

खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,

दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,

देर हो गयी याद करने में जरूर,

लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो।

4.

दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,

रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,

हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,

हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया।

5.

तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,

तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,

क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,

जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी।

6.

हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,

कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,

हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,

पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।

7.

नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे,

अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे,

कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,

गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते।

8.

हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,

आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,

हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,

क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।

9.

हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,

हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,

दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,

पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।

10.

बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,

हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,

तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,

कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से।

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