इज़हार करिये अपने मोहब्बत का इन 10 शायरियों के अंदाज़ में

तलब है तुम्हारी कि मिटती नही है, ये जिदगीं तुम बिन कटती नही है, लाख चाहा कि लिख दू मै दर्द अपना, कलम है कि तेरा फरेब लिखती नही है।

1.

तलब है तुम्हारी कि मिटती नही है,
ये जिदगीं तुम बिन कटती नही है,
लाख चाहा कि लिख दू मै दर्द अपना,
कलम है कि तेरा फरेब लिखती नही है।

2.

मोहब्बत ने तेरी जंजीरें डाली हैं ऐसी,
चुराना भी चाहूं तो चुराया नहीं जाता,
महफ़िल में भी मुझको तन्हाई नज़र आती है,
तेरे बिन ये दिल कहीं और लगाया नहीं जाता