1.

कहीं किसी रोज़ यूँ भी होता,
हमारी हालत तुम्हारी होती,
जो रात हमने गुज़ारी तड़प कर,
वो रात तुमने गुज़ारी होती।

2.

बिखरे अरमान, भीगी पलकें और ये तन्हाई,
कहूँ कैसे कि मिला मोहब्बत में कुछ भी नहीं।

3.

खुद को औरों की तवज्जो का तमाशा न करो…
आइना देख लो अहबाब से पूछा न करो…
शेर अच्छे भी कहो, सच भी कहो, कम भी कहो…
दर्द की दौलत-ए-नायाब को रुसवा न करो…

4.

बदले तो नहीं हैं वो… दिल-ओ-जान के करीने,
आँखों की जलन, दिल की चुभन अब भी वही है।

5.

रास्ते वही होंगे और नज़ारे वही होंगे,
पर हमसफ़र अब हम तुम्हारे नहीं होंगे।

6.

हम तो जी रहे थे उनका नाम लेकर
वो गुज़रते थे हमारा सलाम लेकर
कल वो कह गये भुला दो हुमको
हमने पूछा कैसे…?
तो चले गये हाथो मे जाम देकरl

7.

वो जो तुमसे रुबरु करवाता है,
आजकल वो आइना भी हमसे रूठा है।

8.

रिहाई दे दो हमें अपनी मोहब्बत की कफस से,
कि अब ये दर्द हमसे और सहा नहीं जाता।

9.

मोहब्बत का घना बादल बना देता तो अच्छा था,
मुझे तेरी आँख का काजल बना देता तो अच्छा था,
तुझे पाने की ख्वाइश अब जीने नहीं देती,
खुदा तू मुझे पागल बना देता तो अच्छा था।

10.

क्या बताऊँ अपना हाल ए दिल मैं तुम्हें,
देखूं जिधर बस एक ही नूर नज़र आये,
अब बता भी दो दवा ए दर्द क्या है इसकी,
या फिर किसी जाल में फसाया है तुमने हमें।

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